
काशीपुर। लव-मैरिज करना एक महिला को लगभग 20 वर्ष बाद भी बेहद भारी पड़ रहा है। पति की उपेक्षा और ससुरालियों के उत्पीड़न से तंग आ चुकी महिला पिछले ढाई साल से गुरूद्वारे के राशन-पानी से अपनी गुजर-बसर कर रही है। तंगहाल इस महिला द्वारा आत्महत्या की मंशा जताने पर सिख समाज के तमाम लोग इसके समर्थन में उतर कर इंसाफ दिलाने में जुटे हैं। आज मौहल्ला पक्काकोट स्थित गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब में आयोजित पत्रकार वार्ता में गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब के हेड ग्रंथी सूबा सिंह और बाजपुर गुरूद्वारा प्रबंधक स. कुलविंदर सिंह किंदा की मौजूदगी में हाई-प्रोफाइल परिवार से जुड़ी महिला सुखविंदर कौर ने बताया कि वर्ष 2006 में उसने जसपुर खुर्द निवासी स. निशान सिंह के पुत्र गुरताज सिंह से लव-मैरिज की थी। उसके दो जुड़वां बेटे हुए, लेकिन ससुरालियों ने उसे नहीं अपनाया और घर से निकालने की बात कहते हुए उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया। महिला का आरोप है कि उसे अपने साथ कहीं न लें जाकर घर में कैद सा कर दिया गया। पिछले ढाई साल से गुरूद्वारे के राशन-पानी से अपनी गुजर-बसर कर रही महिला ने कैमरे के सामने कहा कि दहेज के लिए उसका उत्पीड़न करते ससुरालियों ने एक बेटे को अपने पास रख लिया है, जबकि दूसरे को बुरी तरह परेशान किया जाता है। बेटे ने भी मीडिया के सम्मुख अपना दर्द बयां किया। महिला का आरोप है कि उसकी विवाहिता ननद भी मायके में रह रही है, जो अपनी मां के साथ मिलकर उसे व उसके बेटे को परेशान करती है। छह-सात महीने पूर्व इस आशय से उसके कमरे की खिड़कियां बंद कर दी गईं कि हवा न आये और वह घुटकर मर जाए। पीड़ित महिला ने मीडिया से गुहार लगाई कि उसे जीते जी इंसाफ दिलाया जाए, अन्यथा वह जी नहीं पाएगी। उधर स. कुलविंदर सिंह किंदा ने कहा कि उन समेत तमाम संभ्रांत व्यक्तियों ने महिला के ससुर निशान सिंह से बात की, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं है। उन्होंने पुलिस से भी पीड़िता की मदद करने की अपील की है।