मास्टर इंटरनेशनल स्कूल में वसंत पंचमी के पावन अवसर पर हुआ हवन, शिक्षा के साथ संस्कारों का दिया गया संदेश

काशीपुर। विद्या, ज्ञान और बुद्धि की देवी माँ सरस्वती को समर्पित वसंत पंचमी के पावन अवसर पर काशीपुर स्थित मास्टर इंटरनेशनल स्कूल में श्रद्धा, आस्था और हर्षोल्लास के साथ हवन-पूजन का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में विद्यालय की प्रबंधिका श्रीमती शिल्पी गर्ग, प्रधानाचार्य डॉ. गौरव गर्ग, शिक्षक-शिक्षिकाएँ, विद्यार्थी एवं समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुई। आचार्य द्वारा विधिवत हवन कुंड में अग्नि प्रज्वलन कर यज्ञ संपन्न कराया गया। मंत्रों की पवित्र ध्वनि और यज्ञ की अग्नि से पूरा विद्यालय वातावरण भक्तिमय एवं सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया। विद्यार्थियों ने अनुशासनपूर्वक हवन में भाग लेते हुए आहुतियाँ दीं और माँ सरस्वती से विद्या, विवेक एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रबंधिका श्रीमती शिल्पी गर्ग ने कहा कि वसंत पंचमी भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो ज्ञान, सृजन और नवचेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में संस्कारों का विकास भी अत्यंत आवश्यक है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है, जिससे उनका सर्वांगीण विकास होता है।
प्रधानाचार्य डॉ. गौरव गर्ग ने अपने संबोधन में कहा कि वसंत पंचमी विद्यार्थियों को ज्ञान के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। माँ सरस्वती की आराधना से विद्यार्थियों में एकाग्रता, अनुशासन और सकारात्मक सोच का विकास होता है। उन्होंने कहा कि मास्टर इंटरनेशनल स्कूल का उद्देश्य केवल शैक्षिक उत्कृष्टता नहीं, बल्कि नैतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों से युक्त नागरिकों का निर्माण करना है।
हवन के उपरांत माँ सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। विद्यार्थियों ने पीले वस्त्र धारण कर वसंत पंचमी की परंपरा का पालन किया। पीला रंग वसंत ऋतु, ऊर्जा, आशा और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है।
विद्यालय के शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को वसंत पंचमी के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि यह पर्व नई शुरुआत, रचनात्मकता और शिक्षा के महत्व को समझाने का संदेश देता है। बच्चों को प्रेरित किया गया कि वे शिक्षा को केवल परीक्षा तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने जीवन और समाज को बेहतर बनाने का माध्यम बनाएं।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। बच्चों में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम उन्हें मानसिक शांति देते हैं और पढ़ाई के साथ-साथ जीवन मूल्यों को समझने में सहायता करते हैं।
हवन कार्यक्रम के समापन के बाद सभी उपस्थितजनों को प्रसाद वितरित किया गया। विद्यालय परिवार ने एक-दूसरे को वसंत पंचमी की शुभकामनाएँ दीं और सकारात्मक संकल्प के साथ अपने शैक्षिक कार्यों में आगे बढ़ने का संदेश दिया।
विद्यालय प्रबंधिका श्री मति शिल्पी गर्ग जी ने बताया कि मास्टर इंटरनेशनल स्कूल, नीरे वाली गली, आर्य नगर, काशीपुर में स्थित है और यह विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों को भी समान महत्व देता है। समय-समय पर इस प्रकार के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
अंत में कहा जा सकता है कि वसंत पंचमी के अवसर पर मास्टर इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित यह हवन कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि यह विद्यार्थियों में संस्कृति, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के विकास की दिशा में एक सराहनीय पहल सिद्ध हुआ।

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