उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नैनीताल में कैंडल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया. नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता मल्लीताल पंत पार्क से तल्लीताल डांठ तक सड़क पर उतरे और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल वीआईपी चेहरों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर सच्चाई को सामने आने से रोक रही है. यशपाल आर्या ने मांग की कि इस मामले की जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई से कराई जाए. इसमें शामिल सभी वीआईपी लोगों के नाम सार्वजनिक किए जाएं.
पूर्व विधायक संजीव आर्या ने अंकिता भंडारी की निर्मम हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि इस जघन्य अपराध में कुछ प्रभावशाली लोगों की भूमिका है, जिनके नाम अब तक उजागर नहीं किए गए हैं. उन्होंने दावा किया कि भाजपा के एक पूर्व विधायक का ऑडियो भी सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर वीआईपी के दबाव में हत्या की बात कही जा रही है. संजीव आर्या ने कहा कि पूरे प्रकरण को दबाने का प्रयास किया गया है, इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच आवश्यक है.
प्रदेश महिला कांग्रेस की वरिष्ठ उपाध्यक्ष जया कर्नाटक ने कहा कि अंकिता भंडारी के न्याय के लिए यह कैंडल मार्च निकाला गया है. उन्होंने भाजपा सरकार पर चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए कहा कि अंकिता हम सबकी बेटी थी और जब तक उसे न्याय नहीं मिलेगा, कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा.
विधायक सुमित हृदयेश ने भी सीबीआई जांच की मांग दोहराते हुए कहा कि कांग्रेस शुरू से इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करती आ रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सीबीआई जांच की घोषणा नहीं की गई तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में और तेज किया जाएगा.
इधर मसूरी में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अंकित भंडारी हत्याकांड को लेकर उठ रहे सवालों पर बयान दिया. उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी तरह की जांच से पीछे नहीं हटेगी, लेकिन केवल राजनीतिक आरोपों के आधार पर सीबीआई जांच नहीं कराई जा सकती. यदि विपक्ष या किसी अन्य व्यक्ति के पास इस मामले से जुड़ा कोई भी ठोस सबूत है, तो उसे सामने रखा जाए. सरकार उस पर तुरंत संज्ञान लेकर कार्रवाई करेगी.
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सीबीआई जांच या उससे भी ऊपर की किसी जांच के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है, बशर्ते उसके लिए पर्याप्त आधार और प्रमाण हों. केवल बयानबाजी से न्याय प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती. उन्होंने दो टूक कहा कि विपक्ष अब तक कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर पाया है और केवल भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है. गणेश जोशी ने बताया कि सरकार की ओर से पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि अंकित भंडारी मामले में यदि कोई नया प्रमाण सामने आता है, तो उस पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकरण में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है और संबंधित आरोपी जेल में हैं. यह कहना गलत है कि सरकार ने इस मामले में ढिलाई बरती है. विपक्ष पर निशाना साधते हुए जोशी ने कहा कि आज उनके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वे भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को टारगेट कर छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके कुशल मार्गदर्शन में पार्टी ने उत्तराखंड में कई चुनाव जीते हैं और संगठन लगातार मजबूत हुआ है. कैबिनेट मंत्री ने राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि विपक्ष यह आरोप नहीं लगा सकता कि भाजपा सरकार ने विकास नहीं किया.
अंत में गणेश जोशी ने भरोसा जताया कि प्रदेश की जनता समझदार है और हर मुद्दे को गंभीरता से देख रही है. विपक्ष बार-बार अंकित भंडारी मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इससे उन्हें कोई लाभ नहीं मिलने वाला. आने वाले समय में जनता उन्हें जवाब देगी और एक बार फिर उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी.