
कलश यात्रा,हवन पूजन से सम्मेलन में श्रृद्धा, आस्था का दिखाई दिया मनोरम चित्रण
काशीपुर । गुरु द्रोणाचार्य उपनगर की शिवालिक बस्ती में वार्ड संख्या 2 तथा वार्ड संख्या 33 के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में संघ के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने पर वक्ताओं ने सनातन धर्म की रक्षा करने, हिंदू एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के साथ साथ हिंदू धर्म और संस्कृति को बचाने के साथ साथ सामाजिक समरसता पर जोर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जूना अखाड़ा से सबद्ध हिमालय योगी महामंडलेश्वर डा वीरेंद्रानंद गिरि समेत अतिथियों ने भारतमाता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर ब्लूमिंग स्कालर्स एकेडमी के छात्र छात्राओं द्वारा गणेश बन्धन,पहाड़ी गीत जय हो कुमांऊ,राम आयेंगे, समेत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर श्रीगिरी जी ने सनातन संस्कृति की शाश्वतता और मानवीय दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदू धर्म और संस्कृति को बचाए रखने के लिए जातियों में बंटे हिंदू समाज के लोगों को एकता के सूत्र में पिरोने के लिए संगठन और समाज दोनों की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा पद्धति नहीं बल्कि जीवन जीने की एक समग्र व्यवस्था है,जो मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है।अखंड हिंदू समाज निर्माण और के लिए मातृशक्ति और युवाओं की भागीदारी को जरुरी बताते हुए समाज को संगठित होने के लिए जनता जनार्दन के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं मुख्य वक्ता प्रांतीय धर्मजागरण प्रमुख नारायण जी ने संघ के शताब्दी वर्ष के परिप्रेक्ष्य में अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि संघ ने यहां तक पहुंचने में कितने कष्ट, संघर्ष यातनाओं, और चुनौतियों को सहन किया है, जो किसी से छिपा नहीं है। डा हेडगेवार जी द्वारा स्थापित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हिंदू राष्ट्र निर्माण का सपना अब निश्चित रूप से पूरा होता दिखाई दे रहा है पूरा देश संघ का शताब्दी वर्ष मना रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व शांति का आधार हमारा भारत वर्ष है,आज देश विदेशों के लोग हमारी संस्कृति की ओर देखकर अनेक शोध कार्य कर रहें हैं। वहीं उन्होंने सनातन धर्म की सामाजिक भूमिका पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को संस्कारों से जोड़ने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।वहीं महिला वक्ता माधवी जी ने कुटुंब प्रबोधन पर अपने विचार रखे।इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक पार्षद संजय शर्मा पूर्व महापौर ऊषा चौधरी प्रभाकर दुबे चंद्र प्रकाश बिष्ट ज्योतिर्मय बिष्ट राज दीपिका मधुर कमला रिखाडी सह संयोजक जयदीप ढौंढियाल पार्षद दीपा पाठक जितेंद्र देवलाल समेत दायित्ववान कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे हैं । उधर आर्यनगर स्थित लोहिया मार्केट में सनातन धर्म जागरण समिति द्वारा आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि कथा व्यास शशांक भारद्वाज समेत अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम के शुभारंभ से पूर्व रंगोली चित्रण, कलश यात्रा के साथ साथ वैदिक रीति-रिवाज से हवन पूजन का कार्यक्रम संपन्न हुआ। तत्पश्चात ब्लूमिंग स्कूल तथा मास्टर इंटरनेशनल स्कूल की छात्र छात्राओं द्वारा मेरी झोपड़ी के भाग्य खुल जाएंगे, तथा देश भक्ति नाटक समेत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम संयोजक ईश्वर चंद्र गुप्ता समेत सहयोगियों ने अतिथियों का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया।इस दौरान मुख्य अतिथि कथा व्यास श्री भारद्वाज जी ने समाज के लोगों को अपने धर्म के प्रति समर्पण, श्रृद्धा और दृढ़ संकल्प के साथ संगठित रहने पर जोर दिया। उन्होंने घर घर हिंदू धर्म का प्रचार हो, धार्मिक अनुष्ठान हों ,के साथ साथ बच्चों में संस्कार और अपनी संस्कृति की के बारे में जानकारी होने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया। वहीं मुख्य वक्ता सह विभाग प्रचारक नैनीताल केंद्र नरेंद्र जी ने कहा एक समय था जब भारत माता की जय, वंदे मातरम बोलने को अपराध माना जाता था, हिंदू समाज आत्म केंद्रित था जो अपने तक सीमित था, संघ की शुरुआत से लेकर आज शताब्दी वर्ष में हिंदू समाज को एक नई पहचान मिली है उसके पीछे संघ के लाखों स्वयं सेवकों के त्याग का परिणाम है।आज लोगों को समर्पण भाव से अपने अंदर राष्ट्र सर्वोपरि की भावना विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संघ और समाज एक होकर भारत को परम वैभव की ओर ले जाने के लिए तत्पर रहना चाहिए। दौरान कार्यक्रम संयोजक ईश्वर चंद्र गुप्ता संघ संचालक अमित मित्तल सह संयोजक गुरविंदर सिंह चंडोक दीपक मित्तल कपिल अग्रवाल राजीव अरोरा बच्चू,शेष कुमार सितारा अनुज मेहरोत्रा सौरभ अरोरा लवेन्द्र सिंह अर्पित चौहान समेत सैकड़ों महिलाएं एवं पुरुष मौजूद रहे। वहीं केशवपुरम में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में मुख्य वक्ता परमेश्वर दास महाराज, सुरभि बंसल तथा पीयूष शर्मा ने तथा वैशाली कालोनी में मुख्य वक्ता रामामुनि महाराज ईश्वरी दत्त जोशी तथा मोनिका गुप्ता ने हिंदू सम्मेलन के तहत समाज को संगठित एवं पंच परिवर्तन के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही कुंडेश्वरी में आयोजित हिंदू सम्मेलन में साध्वी ज्ञानेश्वरी मीरा विश्नोई राजेश जोशी ने संघ के शताब्दी वर्ष और हिंदू एकता और भारतीय संस्कृति के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला।