महिला ने एक युवक के खिलाफ दर्ज कराया भ्रामक एवं विभाजनकारी सामग्री प्रसारित करने का मुकदमा

काशीपुर । एक महिला ने एक युवक के खिलाफ भ्रामक एवं विभाजनकारी सामग्री प्रसारित करने के सम्बन्ध मे मुकदमा दर्ज कराया है पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है बबीता रावत द्वारा कोतवाली में शिकायत दर्ज कराकर कहां है कि आयूष रावत जो कि UKF यूथ विंग के केन्द्रीय पदाधिकारी है । काशीपुर उधमसिंहनगर के रहने वाले हैं, के द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर एक विडियों लिंक https:www instagram.com/DVvOZAPEtmx पोस्ट किया है । उक्त विडियो में उन्होने उत्तराखण्ड में GDS की भर्ती के सम्बन्ध में भ्रामक तथ्यहीन तथा भडकाऊ बयान दिए है । उन्होने यह दावा किया है कि 80 में से 75 चयनित अभ्यार्थी हरियाणा एंव उत्तर प्रदेश से है । जो राज्य सरकार की अक्षमता के कारण है । उत्तराखण्ड सरकार जानबूझकर राज्य के युवाओं को रोजगार नहीं दे रही है और उन्हे पलायन के लिए मजबूर कर रही है। बाहरी लगों को लाकर राज्य के संसाधनों का शोषण किया जा रहा है । जबकि वास्तविकता यह है कि ग्रामीण डाक सेवक (GDS) की भर्ती Indian Post द्वारा की जाती है । जो कि केन्द्र सरकार के अधीन एक संस्था है , इस भर्ती में देश का की भी पात्र नागरिक आवेदन कर सकता है और चयन/ पोस्टिंग केन्द्रीय नियमों के अनुसार होती है sd अंग्रेजी अपठित राज्य सरकार का इस प्रकिया में कोई प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं होता इस प्रकार उक्त विडियो में दिए गए बयान पूर्णतः भ्रामक है और आम जनता को गुमराह करने के उद्देश्य से प्रसारित किए गए प्रतीत होते है । ऐसी सामग्री विभिन्न राज्यों के लोगों के बीच वैमस्नस्य उत्पन्न कर सकती है। सामाजिक एंव राष्ट्रीय एकता को प्रभावित कर सकती है । उत्तराखण्ड के लोगों के साथ अन्य राज्यो में भेदभाव स्तिथि उत्पन्न कर सकती है , जन शक्ति एंव कानून व्यवस्था को बाधित कर सकती है। अतः आपसे निवेदन है कि उक्त प्रकरण में उचित धारा के अन्तर्गत कार्यवाही की जाए जिनमें प्रमुख रुप से शामिल है , विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य फैलाना लोक शान्ति भंग करने हेतु झूठी सूचना फैलाना सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री प्रसारित करना आवश्ययातानुसार पुलिस द्वारा अन्य धारा भी जोडी जा सकती है अतः आपसे प्रार्थना है कि उक्त विडियो को तत्काल हटवाने / ब्लाक करने की कार्यवाही की जाए, मामले की जाँच कर कानूनी कार्यवाही की जाए भविष्य में इस प्रकार भ्रामक सामग्री के प्रचार को रोका जाए । पुलिस ने उपयोग के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शुरू कर दी है ।

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