ग्रेटर नोएडा: लोधी क्षत्रिय समाज और लोधी क्षत्रिय रेल परिवार समिति द्वारा भारतीय रेलवे और मेट्रो रेलवे के सेवानिवृत्त एवं सेवारत अधिकारियों कर्मचारियों के सम्मान में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया. नॉलेज पार्क-3, ग्रेटर नोएडा स्थित प्रिंस इंस्टीट्यूट ऑफ इनोवेटिव टेक्नोलॉजी (PIIT) में आयोजित कार्यक्रम में 400 से अधिक लोधी क्षत्रिय समाज के प्राध्यापकों, शिक्षाविदों, अभियंताओं, चिकित्सकों, राजकीय जनसंरक्षकों, भारतीय रेलवे एवं मेट्रो रेलवे में सेवारत तथा सेवानिवृत्त अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित किया गया.
सम्मान समारोह के आयोजक लोधी सी.एल. पथरिया सेवानिवृत्त मुख्य लोको निरीक्षक वडोदरा (प.रे.), मुख्य अतिथि लोधी चंद्र भूषण सिंह वरिष्ठ प्राध्यापक आईआरआईसीईएन पुणे और मुख्य वक्ता पीआईआईटी कॉलेज ग्रेटर नोएडा के चेयरमैन प्रोफेसर (डॉ.) भरत सिंह रहे. कार्यक्रम के तहत भारतीय रेलवे के 1200 लोधी रेल परिवार के बालक-बालिकाओं का परिचय सम्मेलन हुआ, जिसमें भारतीय रेलवे के सभी जोन प्रमुख, कॉर्पोरेशन निकाय और विभाग के सदस्य शामिल रहे.

सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि लोधी चंद्र भूषण सिंह ने समाज को संगठित करने के लिए आयोजक श्री पथरिया और कार्यक्रम की शानदार व्यवस्था के लिए पीआईआईटी की जहां प्रसंशा की, वहीं लोधी क्षत्रिय समाज को उच्च शिक्षित होने पर बल दिया. उन्होंने यह भी कहा कि जब तक हम देश की राजनीति में अपना वर्चस्व कायम नहीं करेंगे, समाज को सुदृढ़ नहीं कर सकते.
मुख्य वक्ता डॉ. भरत सिंह ने सामाजिक विकास के मुद्दे पर बहुत गंभीरता से बात की. उन्होंने कहा कि संस्कार, सामाजिकता और शैक्षिक स्तर पर हमें अपनी पकड़ मजबूत बनानी होगी, तभी हम सामाजिक विकास कर पाएंगे. डॉ. भरत सिंह ने नशामुक्त समाज के निर्माण पर जोर दिया। साथ ही ‘दहेज न लेंगे और न देंगे’ की शपथ दिलाई. नयी पीढ़ी के भविष्य से जुड़े उनके इस अभियान को उपस्थित जनसमुदाय ने करतल ध्वनि से स्वागत एवं समर्थन किया.
डॉ. भरत सिंह ने 1857 की क्रांति की अमर वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्रभक्ति, अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान का अद्वितीय प्रतीक है. उन्होंने स्थानीय युवाओं को संगठित कर और कई क्षेत्रों को अंग्रेज हुकूमत से मुक्त कराया. उन्होंने मातृभूमि के स्वाभिमान के लिए अंग्रेजों से डटकर मुकाबला किया और समर्पण के बजाय शहादत को चुना. उनका संघर्ष देश की भावी पीढ़ी के लिए सदैव प्रेरक बना रहेगा.

कार्यक्रम के आयोजक श्री पथरिया ने नैतिक शिक्षा, अच्छे संस्कार, अध्यात्मिक विद्या, कौशल विकास, रोजगार, व्यापार, समाज से जुड़े रहने के तरीके, शादी-विवाह को आसान बनाने, माता-पिता व सामाजिक सुरक्षा- व्यवस्था पर चितंन-मंथन किया. उन्होंने सभी आए सदस्यों को एक मंच पर संगठित होने के लिए धन्यवाद दिया. साथ ही राष्ट्र और समाज की मजबूती के लिए डॉ. भरत सिंह द्वारा शिक्षा व समाज के माध्यम से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है.
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन और पीआईआईटी की श्रीमती मिथलेश सिंह व श्रीमती जागेश सिंह द्वारा प्रस्तुत वंदे मातरम गीत के साथ हुआ. संबोधन व सम्मान के बीच PIIT के छात्र-छात्राओं ने कई सांस्कृतिक प्रस्तुति दी, जिसकी खूब प्रसंशा हुई. समापन राष्ट्रगीत के साथ हुआ. इस अवसर पर संस्थान के निदेशक आर. के. शाक्य, वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र बच्चन, कई शिक्षाविद्, समाजसेवी व अन्य गणमान्य उपस्थित रहे.