गैरसैंण: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में चल रहे बजट सत्र के चौथे दिन प्रश्नकाल के दौरान कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत के विभागों से जुड़े कई मुद्दे सदन में उठे. स्वास्थ्य सेवाओं, गोल्डन कार्ड, कैंसर अस्पताल, खाद्य पदार्थों में मिलावट और शिक्षा विभाग की योजनाओं पर विधायकों ने सवाल किए गए।
इस दौरान स्वास्थ्य, शिक्षा और खाद्य सुरक्षा से जुड़े विषयों पर सत्ता और विपक्ष के विधायकों ने सवाल पूछे, जिनका मंत्री ने जवाब दिया. सबसे पहले अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी ने प्रदेश में स्वास्थ्य कर्मियों की पेंशन और गोल्डन कार्ड योजना को लेकर सवाल उठाया. इस पर स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने गोल्डन कार्ड योजना के लाभार्थियों के आंकड़े सदन के सामने रखे।
विपक्ष की ओर से पूछा गया कि गोल्डन कार्ड योजना में कर्मचारियों का कितना भुगतान बाकी है. मंत्री ने जवाब दिया कि करीब 37 हजार कर्मचारियों के लगभग 168 करोड़ रुपये की पेंडेंसी है. वहीं डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला ने देहरादून में बन रहे कैंसर अस्पताल को लेकर सवाल किया।
कैंसर अस्पताल का 90 प्रतिशत काम पूरा: इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हर्रावला में लगभग 125 करोड़ रुपये की लागत से कैंसर अस्पताल बनाया जा रहा है और इसका करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. शिक्षा विभाग से जुड़े अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में एलटी और प्रवक्ता के खाली पदों को लेकर भी सवाल उठाया गया. इस पर शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि जल्द ही इन पदों पर शत प्रतिशत नियुक्तियां की जाएंगी।
गोल्डन कार्ड योजना को लेकर सवाल: कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाति ने भी गोल्डन कार्ड योजना को लेकर सवाल किया. उन्होंने कहा कि विधायकों का भी गोल्डन कार्ड बनना था. इस पर मंत्री ने कहा कि गोल्डन कार्ड एक अंशदायी योजना है और इस संबंध में कर्मचारी संगठनों के साथ बातचीत चल रही है।
पिथौरागढ़ बेस अस्पताल से जुड़ा सवाल: वहीं, पिथौरागढ़ के बेस अस्पताल को लेकर कांग्रेस विधायक मयूख मेहर ने सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि अस्पताल के निर्माण से पहले भौगोलिक सर्वे किया गया था या नहीं और क्षेत्र में हो रहे भू धंसाव को लेकर भी चिंता जताई. इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पिथौरागढ़ में मेडिकल कॉलेज का निर्माण भू वैज्ञानिकों के सर्वे के बाद ही शुरू किया गया था, लेकिन यदि किसी तरह की समस्या सामने आती है तो आईआईटी रुड़की से दोबारा सर्वे कराया जाएगा।
देहरादून में खाद्य परीक्षण लैब को लेकर सवाल: सदन में खाद्य पदार्थों में मिलावट और भ्रामक मामलों का मुद्दा भी उठा. विधायक बृजभूषण गैरोला ने एफडीए में खाली पदों और देहरादून में खाद्य परीक्षण लैब को लेकर सवाल किया. इस पर मंत्री ने बताया कि हर साल खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जाते हैं. पिछले दो वर्षों में कुल 3311 सैंपल लिए गए, जिनमें से 330 सैंपल फेल पाए गए और इन मामलों में न्यायालय में वाद चल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि देहरादून में टेस्टिंग लैब बनकर तैयार है और 31 मार्च 2026 से पहले इसका उद्घाटन किया जाएगा. ऑनलाइन खाद्य पदार्थों की बिक्री को लेकर भी सदन में सवाल उठा. विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि जांच केवल छोटे व्यापारियों पर होती है, जबकि बड़े मॉल और सुपरमार्केट में जांच कम होती है. इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जहां भी सदस्य बताएंगे वहां जांच की जाएगी और जल्द ही कार्रवाई शुरू होगी।
कैंसर को नोटिफाई करने के लिए नई गाइडलाइन: साथ ही मंत्री ने कहा कि कैंसर को नोटिफाई करने के लिए नई गाइडलाइन जारी की जाएगी, ताकि नीति स्तर पर इस बीमारी से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें. विधायक विनोद चमोली ने कहा कि पहले खाद्य निरीक्षण का काम स्थानीय निकायों के पास था और उनके पास मजबूत तंत्र भी था।
उन्होंने सुझाव दिया कि मिलावटखोरी के खिलाफ कार्रवाई में निकायों को भी जिम्मेदारी दी जा सकती है. इस पर मंत्री ने आश्वासन दिया कि इस मामले पर विचार किया जाएगा. यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल ने पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाया।
उन्होंने बड़कोट और चिन्यालीसौड़ में एक्सरे और अल्ट्रासाउंड मशीन की उपलब्धता को लेकर सवाल किया. इस पर मंत्री ने बताया कि चिन्यालीसौड़ में दोनों मशीनें उपलब्ध हैं, जबकि बड़कोट में अभी एक्सरे मशीन है और अल्ट्रासाउंड मशीन की व्यवस्था रोटेशन के आधार पर की जाएगी।
इसके अलावा शिक्षा विभाग में छात्रवृत्ति योजनाओं को लेकर विधायक सुरेश गढ़िया ने सवाल पूछा. इस पर शिक्षा मंत्री ने बताया कि विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 21 हजार 743 छात्रों को 17 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति राशि दी गई है।