उत्तरायणी मेले में मास्टर इंटरनेशनल स्कूल का दबदबा, रंगोली व नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर रचा इतिहास

 

 

 

काशीपुर। चामुंडा मंदिर परिसर में आयोजित उत्तरायणी मकर संक्रांति मेले में इस वर्ष मास्टर इंटरनेशनल स्कूल ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा और सांस्कृतिक उत्कृष्टता का शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर नगर का नाम रोशन किया। मेले के अंतर्गत आयोजित *रंगोली* एवं *नृत्य* *प्रतियोगिताओं* में विद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर *प्रथम स्थान* प्राप्त किया। प्रतियोगिता में काशीपुर के दस प्रतिष्ठित विद्यालयों ने प्रतिभाग किया, किंतु *मास्टर इंटरनेशनल स्कूल* के विद्यार्थियों ने सभी को पीछे छोड़ते हुए अपनी श्रेष्ठता सिद्ध कर दी।
उत्तरायणी मेले के दौरान आयोजित *रंगोली प्रतियोगिता* में मास्टर इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा सात के छात्र *अंशुल विष्ट* ने अपनी अद्भुत कलात्मक प्रतिभा का परिचय देते हुए *प्रथम स्थान* प्राप्त किया। अंशुल द्वारा बनाई गई रंगोली ने निर्णायकों के साथ-साथ दर्शकों का भी ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। उनकी रंगोली में रंगों का संतुलित संयोजन, विषय की स्पष्टता और भारतीय संस्कृति का सुंदर चित्रण देखने को मिला। कलात्मकता और सृजनात्मक सोच के इस उत्कृष्ट उदाहरण के लिए निर्णायक मंडल ने सर्वसम्मति से उन्हें विजेता घोषित किया।
इसी प्रतियोगिता में विद्यालय के कक्षा छह के छात्र *गौरांश उपाध्याय* ने भी प्रशंसनीय प्रदर्शन करते हुए **तृतीय* स्थान हासिल किया। कम आयु में इस स्तर की कलात्मक समझ और प्रस्तुति ने यह स्पष्ट कर दिया कि मास्टर इंटरनेशनल स्कूल विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमताओं को प्रारंभिक स्तर से ही विकसित करने पर विशेष ध्यान देता है।
रंगोली प्रतियोगिता के साथ-साथ मेले में आयोजित *नृत्य प्रतियोगिता* में भी *मास्टर* *इंटरनेशनल* *स्कूल* के विद्यार्थियों का प्रदर्शन दर्शनीय रहा। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक *भांगड़ा नृत्य* की ऊर्जावान और अनुशासित प्रस्तुति देकर पूरे पंडाल को तालियों की गड़गड़ाहट से भर दिया। ढोल की थाप पर थिरकते कदम, आकर्षक वेशभूषा और समन्वित समूह नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
नृत्य प्रतियोगिता में मास्टर इंटरनेशनल स्कूल की प्रस्तुति को सर्वश्रेष्ठ मानते हुए निर्णायकों ने विद्यालय को *प्रथम स्थान* प्रदान किया। प्रतियोगिता में शामिल अन्य विद्यालयों के प्रतिभागियों एवं शिक्षकों ने भी विद्यालय के छात्रों के आत्मविश्वास, अनुशासन और कला कौशल की खुले दिल से प्रशंसा की।
विद्यालय की इस शानदार सफलता के पीछे शिक्षकों के निरंतर मार्गदर्शन और विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत रही। विद्यालय के *प्रधानाचार्य* *डॉ. गौरव गर्ग* जी ने बताया कि “छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक, कलात्मक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भाग लेने के लिए निरंतर प्रेरित किया जाता है, जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो सके। इसी का परिणाम है कि विद्यालय के विद्यार्थी प्रत्येक मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।”
इस उपलब्धि पर विद्यालय परिसर में हर्ष का माहौल देखने को मिला। अभिभावकों ने बच्चों की सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों का आभार जताया। वहीं विद्यार्थियों ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों, माता-पिता और विद्यालय द्वारा दिए गए मार्गदर्शन को दिया।
विद्यालय की *प्रबंधिका श्रीमति शिल्पी गर्ग* जी ने कहा कि “उत्तरायणी मेला जैसे सांस्कृतिक आयोजनों में भाग लेना विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाता है और उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देता है। भविष्य में भी विद्यालय इस प्रकार की प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लेता रहेगा और विद्यार्थियों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगा।”
मास्टर इंटरनेशनल स्कूल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वह न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में बल्कि कला, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों में भी अग्रणी है। विद्यालय की यह सफलता काशीपुर क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है और अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।

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