मसूरी: नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक में मसूरी के विकास, व्यवस्थाओं में सुधार और आय के स्रोत बढ़ाने से जुड़े कुल 16 प्रस्ताव पेश किए गए, जिन्हें व्यापक चर्चा के बाद सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया. हालांकि, कुछ प्रस्तावों पर सभासदों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।
भवन स्वामियों पर लगेगा 10 फीसदी पेनल्टी: बोर्ड बैठक का प्रमुख मुद्दा पालिका करों के समय पर भुगतान न करने वाले भवन स्वामियों पर पेनल्टी लगाने का रहा. प्रारंभिक प्रस्ताव में 20 फीसदी जुर्माना लगाने की बात रखी गई थी, लेकिन सभासद गीता कुमाई और विशाल खरोला ने इसका विरोध किया. उनका कहना था कि मसूरी के व्यापारी पहले ही विभिन्न करों का बोझ झेल रहे हैं, ऐसे में अतिरिक्त पेनल्टी लगाना उचित नहीं है।
‘लैंड बैंक’ तैयार करना पर जोर: लंबी चर्चा के बाद सदन ने 10 फीसदी पेनल्टी का संशोधित प्रस्ताव पास किया. इसके अलावा नगर पालिका क्षेत्र की सभी संपत्तियों का संपूर्ण लेखा-जोखा तैयार करने का प्रस्ताव भी पारित हुआ. इसका उद्देश्य पालिका का ‘लैंड बैंक’ तैयार करना और सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण का स्पष्ट आंकड़ा जुटाना है।

व्यावसायिक प्रतिष्ठानों जैसे दुकान, होटल और रेस्टोरेंट को व्यवसायिक लाइसेंस अनिवार्य रूप से जारी करने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया. इस पर कुछ सभासदों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि डेटा संग्रह के नाम पर व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डाला जाना चाहिए. इस पर अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने स्पष्ट किया कि यह सरकार की नीति के तहत आय बढ़ाने का कदम है और सभी व्यवसायियों को लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
कूड़ा प्रबंधन का मुद्दा भी गरमाया: बैठक में कूड़ा प्रबंधन का मुद्दा भी गरमाया रहा. सभासद गीता कुमाईं ने डोर-टू-डोर कलेक्शन के नाम पर अधिक शुल्क वसूले जाने का आरोप लगाया. इस पर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने जवाब देते हुए कहा कि शुल्क पूर्व में जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार ही लिया जा रहा है. यदि किसी से नियमों के विरुद्ध ज्यादा वसूली की गई है, तो संबंधित कंपनी पर कार्रवाई की जाएगी।
40 गोल्फ कार्ट संचालन का मुद्दा भी उठा: वहीं, मसूरी में प्रस्तावित 40 गोल्फ कार्ट संचालन का मुद्दा भी चर्चा में रहा. पालिका अध्यक्ष ने बताया कि इस पर फिलहाल रोक लगी हुई है, क्योंकि संचालन के लिए शासन स्तर पर नियमावली और आरटीओ की अनुमति आवश्यक है. उन्होंने कहा कि मॉल रोड जैसे संवेदनशील क्षेत्र में अनियंत्रित संख्या में गोल्फ कार्ट चलाना उचित नहीं होगा।

सभासद पवन थलवाल ने पूर्व बोर्ड द्वारा मसूरी झील, झूला घर और एक्वेरियम जैसे स्थलों को 15 से 30 साल की लीज पर देने के प्रस्ताव को निरस्त कर शासन को भेजा गया था, लेकिन अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ है. इस पर सभासदों ने नाराजगी जताते हुए जवाब मांगा. सेंट मैरी अस्पताल के पुनः संचालन का मुद्दा भी उठा. पालिका अध्यक्ष ने बताया कि इस दिशा में लगातार प्रयास जारी हैं और जल्द ही अस्पताल को फिर से शुरू करने की कार्रवाई की जाएगी।
सभासद शिवानी भारती ने उठाया जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र का मामला: वहीं, सभासद शिवानी भारती ने जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में हो रही देरी पर नाराजगी जताई और समय-सीमा तय करने की मांग की. उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, ताकि आम जनता को परेशानी न हो।
वहीं, पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि मसूरी को व्यवस्थित और विकसित बनाने के लिए नगर पालिका लगातार प्रयासरत है. हालांकि, टैक्स और शुल्क से जुड़े मुद्दों पर उठी आपत्तियों ने यह साफ कर दिया कि विकास के साथ-साथ जनहित और संतुलन बनाए रखना भी बड़ी चुनौती है।