
काशीपुर।
ज्ञानार्थी कॉलेज के फैशन विभाग द्वारा विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने के उद्देश्य से राजस्थान की राजधानी जयपुर के लिए तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने राजस्थानी कला, ऐतिहासिक स्थापत्य और वस्त्र उद्योग से जुड़ी तकनीकों का गहन अध्ययन किया।
पहला शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों ने प्रसिद्ध अल्बर्ट हॉल म्यूजियम का दौरा किया। यहाँ छात्रों ने इंडो-सारासेनिक वास्तुकला शैली का अवलोकन किया और संग्रहालय में संरक्षित प्राचीन परिधान, धातु शिल्प तथा मिस्र की ममी को देखा। इस भ्रमण ने विद्यार्थियों को भारतीय और विश्व संस्कृति की कलात्मक विरासत को समझने का अवसर प्रदान किया।
दूसरा शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम पूरी तरह फैशन और वस्त्र उद्योग को समर्पित रहा। विद्यार्थियों ने एक ब्लॉक प्रिंटिंग इकाई का औद्योगिक भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने लकड़ी और धातु के ब्लॉकों पर नक्काशी, प्राकृतिक रंगों की तैयारी तथा कपड़ों पर हाथों से छपाई की तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से देखा। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने हवा महल, जल महल और गैटोर की छतरियाँ की ऐतिहासिक स्थापत्य कला का भी अवलोकन किया, जिससे उन्हें फैशन डिजाइन में नए रचनात्मक विचार प्राप्त हुए।
तीसरा शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम बाजार अनुसंधान पर केंद्रित रहा। विद्यार्थियों ने बापू बाजार और जोहरी बाजार में मार्केट सर्वे किया, जहाँ उन्होंने सांगानेरी फैब्रिक, मोजरी और लाख की चूड़ियों के निर्माण की प्रक्रिया को करीब से देखा। इससे छात्रों को बाजार की मांग और उपभोक्ता व्यवहार को समझने में महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त हुआ।
कॉलेज की सेक्रेटरी शिवानी मेहरोत्रा, संस्थान प्रमुख प्रतिमा सिंह तथा डायरेक्टर डॉ. मनोज मिश्रा ने बताया कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को वास्तविक उद्योग से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनके रचनात्मक तथा तकनीकी कौशल को विकसित करते हैं। इस भ्रमण में विद्यार्थियों के साथ शिक्षिका सुप्रिया बिष्ट भी उपस्थित रहीं।
कॉलेज के अध्यक्ष संतोष मेहरोत्रा ने कहा कि संस्थान समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहता है ताकि विद्यार्थियों को नई तकनीकों और उद्योग की आवश्यकताओं की जानकारी मिल सके। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ दीं।