
★भाजपा कोर कमेटी की बैठक के निकाले जा रहे है कई मायने★
★पहले से ही पूरा फीड बैक था कोर कमेटी के अध्यक्ष के पास
देहरादून। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कोर कमेटी की अहम बैठक में केंद्रीय नेतृत्व की सीधी भागीदारी ने संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर संभावित बदलावों की अटकलों को हवा दे दी है। हालांकि भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री और उनकी टीम की पीठ भी थपथपा गये। बैठक में संगठनात्मक मजबूती, आगामी चुनावी रणनीति और सरकार के कामकाज की समीक्षा पर विस्तार से चर्चा हुई।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन, युवा नेतृत्व को अवसर, तथा लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन के आधार पर संगठन में आंशिक फेरबदल जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। केंद्रीय नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय और जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश के राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बैठक के बाद कुछ हरक़त तो अवश्य होगी। प्रदेश भाजपा सरकार में कुछ नए चेहरों को लाया जा सकता है। कुछ की ज़िम्मेदारी बदली जा सकती है या फिर पूरे ही बदले जा सकते है। ऐसा ही संग़ठन पदाधिकारियों की भूमिकाओं में बदलाव संभव है। इस बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार या संगठनात्मक पुनर्गठन जैसे विकल्पों पर भी मंथन हुआ है।
हालांकि पार्टी की ओर से आधिकारिक तौर परह किसी बड़े परिवर्तन का इशारा नहीं किया गया, लेकिन शीर्ष नेतृत्व की सक्रियता को आगामी राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
अब निगाहें इस बात परग टिकी हैं कि आने वाले दिनों में संगठन और सरकार में किस तरह के समीकरण उभरते हैं, और क्या यह बैठक उत्तराखण्ड की राजनीति में किसी बड़े बदलाव का संकेत साबित होती है।