ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलमार्ग और दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड मार्ग के बाद तीसरा तोहफा

देहरादून : उत्तराखंड में कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए उत्तराखंड सरकार को ऋषिकेश फोरलेन बाईपास परियोजना के लिए केंद्र से 1105.79 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल गई है. यह स्वीकृति केवल एक सड़क निर्माण की अनुमति नहीं है, बल्कि ऋषिकेश और खासकर चारधाम के लिए एक बड़ी योजना भी होगी।

दरअसल ऋषिकेश में जिस तरह से पर्यटकों की भारी भीड़ साल दर सल उमड़ रही है, उससे शहर को सांस लेने की थोड़ी सी फुर्सत मिल जाएगी. लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहे ऋषिकेश के लिए यह परियोजना एक निर्णायक मोड़ साबित होने जा रही है, क्योंकि इसके माध्यम से शहर के भीतर के यातायात दबाव को काफी हद तक कम किया जा सकेगा. ऋषिकेश में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलमार्ग परियोजना के बाद ये दूसरी महत्वपूर्ण योजना है।

तीन पानी फ्लाईओवर से खरासोटे पुल तक बनेगा फोरलेन बाईपास: इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-7 पर तीनपानी फ्लाईओवर (किमी 529.750) से लेकर खरासोटे पुल (किमी 542.420) तक लगभग 12.670 किलोमीटर लंबा फोरलेन बाईपास विकसित किया जाएगा. यह मार्ग भट्टोवाला और ढालवाला जैसे घनी आबादी और भारी ट्रैफिक वाले क्षेत्रों से होकर गुजरेगा. मौजूदा समय में हरिद्वार-देहरादून और दिल्ली की ओर से आने वाले अधिकांश वाहन ऋषिकेश शहर के भीतर से गुजरते हैं. इससे यहां की सड़कों पर अत्यधिक दबाव बनता है. इस बाईपास के बनने के बाद लंबी दूरी के और भारी वाहन सीधे शहर के बाहर से गुजरेंगे. इससे अंदर के मार्गों पर ट्रैफिक का भार काफी कम हो जाएगा. यह योजना न केवल यातायात को व्यवस्थित करेगी, बल्कि शहर के रोजाना और लोकल लोगों के जीवन को भी काफी हद तक रहत भरा बना देगी।

चारधाम यात्रा में जाम से मिलेगी राहत, यात्रा बनेगी तेज और सुरक्षित: ये बात हम सभी जानते हैं कि उत्तराखंड की पहचान चारधाम यात्रा से जुड़ी हुई है. हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होते हैं, लेकिन यात्रा के दौरान सबसे बड़ी चुनौती ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में लगने वाला जाम रहता है. कई बार यात्रियों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ता है. इससे यात्रा में यात्रियों को काफी दिक्क्त का सामना करना पड़ता है. फोरलेन बाईपास बनने के बाद यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।

इस फोरलेन बाइपास के बनने के बाद यात्रा पर जाने वाले वाहन सीधे बाईपास के माध्यम से आगे बढ़ सकेंगे. इससे यात्रा समय कम होगा और सड़क सुरक्षा बेहतर होगी. यात्रियों को एक सुगम और आरामदायक अनुभव मिलेगा. ऋषिकेश और देश के जाने माने संत चिदानंद मुनि कहते हैं कि ये बात सही है कि ऋषिकेश में अब भक्तों के लिए सड़कें कम होने लगी हैं. क्योंकि भीड़ अधिक होने लगी है. ऐसे में भारी वाहन अगर दूसरी रास्ते से निकलेंगे तो ऋषिकेश में जाम नहीं लगेगा. इससे ऋषिकेश के पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा. ये ऋषिकेश के लिए एक बड़ी और अच्छी योजना है।

 

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